साहित्य
-
गजल
चाह मन में नई नई जगाती रही। हसरतें मन को झूला झुलाती रही। जाने कब होगी पूरी अधूरी है जो।…
Read More » -
उसकी ख़ामोशी
उसकी ख़ामोशी आज भी बहुत कुछ कहती है। वो बेजुबान मूरत नहीं,वो भी जिन्दा इंसान है। अपना हक अक्सर शांति…
Read More » -
फ़कत दिल में बसाना चाहता हूँ
फ़कत दिल में बसाना चाहता हूँ, तुझे सब से छिपाना चाहता हूँ। فکات دل میں بسانا چاہتا ہوں تُجھے سب…
Read More » -
नया साल आया प्यारा प्यारा
नया साल का दिन है प्यारा, लगता है जैसे सपना हमारा। हर आँगन में दीप जले हैं, रोशन हो हर…
Read More » -
हसरत
लिखूॅं, की मोहब्बत है उनसे, और, हसरत है उन्हें पाने की, की जब से हुई है, मोहब्बत उनसे, फ़िक्र नहीं…
Read More » -
पत्थर हो गए इंसान
आधुनिकता बनाम दिखावा, नाम, पहचान, रुतबा, शोबाज़ी, पैसा, बंगला, गाड़ी ने इंसान को शैतान से हैवान बना दिया है।। बढ़…
Read More » -
मुट्ठी में आकाश करो
इक-इक पल है कीमती जानो स्वयं से तुम संवाद करो। व्यर्थ की बातों में उलझकर न वक्त अपना बर्बाद करो।।…
Read More » -
कदम बढ़े संसार में
गोगेरियन नववर्ष 2026 पर सृजित गीत – विगत वर्ष से अनुभव लेकर, कदम बढ़े संसार में । नये साल संकल्प…
Read More » -
कोहरे की चादर
कोहरे की चादर ओढ़ के सूरज भी शरमाता है नये साल का जश्न देखने छिप-छिप बाहर आता है जाड़े ने…
Read More » -
नव वर्ष की बधाई
नई साल नई सुबहा चहुँ ओर कुहरे की चादर ओढ़े ये भोर ठंडी हवा की सिरहन चुभ आई दशो…
Read More »