साहित्य
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एक मछली सारा तालाब गंदा कर देती है- लोकोक्ति
कैसे कर देती है मछली गंदा सब तालाब, दादा जी मुझको बतला दो इसका पूर्ण हिसाब। दादा बोले, जब एक…
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मां की ममता
कड़कड़ाती ठंड से अपने लाढले को बचाने के लिए मां के पास सिर्फ ममता थी । नहीं थे पहनाने के…
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ख़्याल ना बदला
साल बदला पर हाल ना बदला, सदियों से था सवाल ना बदला। कि कैसे सुधारें ज़माने को हम, गाँव-गढ़ी-घर-संसार ना…
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नया साल हो मय मंगल
नव वर्ष में करो नई पहल कठिन जिंदगी हो सरल अनसुलझी पहेलियाँ उसको कर सको हल वक्त देखकर चलता जो…
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आया 2026
लो आ गया चिरप्रतीक्षित 2026, चलो करें स्वागत इस नवागत वर्ष का, क्या-क्या अनजाना होगा इसमें। बस सोच रही हूँ…
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जीवन
आपाधापी में गया, जीवन का आनंद। खुशियों में वीरानियत, बुद्धि दिख रही मंद।। बुद्धि दिख रही मंद, पुहुप का खिलना…
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प्रीत
ज़िन्दगी बंद लिफाफे सी क्या लिखा मालूम नहीं!! तकदीर भी है रुठी रुठी, कल तक जो अपने थे, लोग आज…
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नव वर्ष
कुछ खट्टे व कुछ मीठे पल मिश्रित करके मैं लाया हूँ ढेरों शुभकामनाओं के संग मैं असंख्य उपहार लाया हूँ…
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तुम थी तो ,भाग 2
तुम थी तो सब कुछ था नदी थी पहाड़ था आसमां था पक्षियों का कलवार था नदी की कल कल…
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खुद से खुद की बात नववर्ष से मुलाक़ात
जाते हुए साल को सलाम मेरा जीवन में परिवर्तन है बहुतेरा। दिसंबर जाते हुए ने कहा है ये साल कैसा…
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