साहित्य
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नव वर्ष
नव वर्ष स्वागत दिल से तुम्हारा दिल में नई तुम उम्मीदें जगाना। खुशियों से भरो दामन हमारा अंतस से तम…
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सांस्कृतिक उत्तरदायित्व
एक बात समझ में नहीं आती है मुझको कि जब कुछ मित्र कहते हैं कि एक जनवरी भारत का नववर्ष…
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नववर्ष के दोहे
लाया है नववर्ष ये खुशियों का उपहार। मन में उजियारा भरे मिट जाएं अंधकार।। बीते कल से सीख कर उर…
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पिता
आसमान से ऊॅंचा जिनका है अस्तित्व। है विराट ईश्वर सम जिनका शुचि व्यक्तित्व।। दुनिया सारी अपनी है जिनके रहते।…
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नववर्ष मेरा ऐसा हो
नव वर्ष मेरा ऐसा हो कर्मठ कर्म करूं मैं निशिदिन करूं मैं ध्यान साधना ज्ञान विवेक बढे मुझमें करता…
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गीत
अंत करो आतंक का,जन जन हैं बेहाल। विघ्न हरो विघ्नेश जी, सुंदर हो यह साल।। धूप-छाँव की ज़िंदगी, पग-पग माया…
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पूर्णिका
प्रारंभी नेह आ गया साल नया सत्कार कीजिए। बढ़ के खुद से प्यार का इजहार कीजिए। । नेह –…
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सुहानी भोर
सुबह की सुहानी भोर है जो नहायी हुई है शबनमी बूंदों से और …, प्रकृति ने किया है श्रृंगार अनुपम…
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व्याप्त नववर्ष हर्ष,उत्थान हेतु शेष संघर्ष
1= बीत गया है वर्ष किंतु संघर्ष शेष है। अभी राष्ट्र जन-जन का उत्कर्ष शेष है।। चलें मिला कर कदम…
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प्रिय नव वर्ष
प्रिय नव वर्ष, तुम आ गए हो तो उजास की सौगातें लेकर आना, बीते कल की थकन समेटकर हर मन…
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