साहित्य

  • गज़ल

    आ गया फ़ागुन महीना दिल दिवाना हो गया, इश्क़ का हर इक फ़साना शायराना हो गया। — याद आती है…

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  • ऋतुराज

    सरस सुहानी चले शीतल प्रभंजन श्रवण मस्त मगन पंछी का गुंजन अखिल उद्यान मधुमक्षिका भ्रमण सुमनो पर बहुरंगी भ्रामरी विचरण…

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  • काव्य के अनेक रूप

    हिंद देश राष्ट्र गान, गद्य पद्य छंद गीत, लेखनी विधान मान, है अमूल्य साधना ।। शब्द- शब्द भाव देख, मीत…

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  • आज में रहना सीखें

    जीवन हे मन आज में जिओ करो नहीं तुम कल की फिक्र, आज का सपना पूरा कर लो भूले करो…

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  • ओ मधुमास मेरे मन में करो वास

    ओ मधुमास मेरे हृदय में करो तुम वास वन उपवन की तरह हमें भी मानो खास कलियों की ऑचल में…

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  • गतिस्त्वम् महा माॅं (काव्य)

    मातृशक्ति को समर्पित काव्य ग्रन्थ कृतिकार – अखिलेश कुमार शर्मा  प्रकाशक -ईथोस सर्विसेज हल्द्वानी -नैनीताल प्रकाशन वर्ष -2026 (प्रथम संस्करण)…

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  • पवन पावनी मलयज लोभे

    पवन पावनी मलयज लोभे। नमन मातु वंदन नित शोभे॥ सघन वीथिका मधुमय छाया। मधुर नीर है पनघट भाया॥ तमस दूर…

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  • सच्चा एहसास

    मैं यही चाहता हूँ एक ऐसा जहाँ बने एक नयापन हो सबका सच्चा ह्रदय हो मानवता हर जगह हो एक…

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  • कच्चा घड़ा

    ज्यों कुम्हार माटी से घड़े को देता स्वरूप, त्यों युगल के नेह-योग उपजे बालसरूप। जुगत औ परिश्रम ही कच्चा घट…

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  • उठता है जो आँखों में

    उठता है जो आँखों में समंदर, छोटी बातों से, रोकना कैसे हैं उसको, बताने, कौन है आता । वेदना शूल…

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