साहित्य
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आस का दीप
दीप की तरह जलता रहूँगा। राहें रोशन मैं करता रहूँगा।। बात सच है जो कहता रहूँगा। मैं उसूलों पर चलता…
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मुठ्ठी भींचे
मुठ्ठी भींचे आंगन में बैठी बुढ़िया माथे में अनगिनत लकीरें उभारें हुई कुछ सोच रही है सामने देहरी में बैठा…
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अप्रतिम संदेश का देश भारत
उत्तुंग हिमालय शीश बन खड़ा, सागर वंदन करे चरण रज धोकर, पर्वतराज ऊँचा उठने को कहता है, सागर दिखलाता गहरे…
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अरावली मॉंगें रिहाई
अरावली मॉंगें रिहाई, ना करो अब तो खुदाई। मुझे अब बचाने फिर से, अमृता देवी न आई। हर दिन होते…
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नारी का मोल (आधुनिक दहेज प्रथा)
दहेज प्रथा को लाकर तुम, नारी का मोल क्यों करते हो, अपने बेटे की कीमत तुम, रुपयों से ही तय…
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दान दिया है दाता ने
दान दिया है दाता ने , विधा दी विधाता ने , पित्त दिया है पिता ने , मात दिया…
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आजमाने चाहिए
मुझे वो यार पुराने चाहिए, सभी गुज़रे ज़माने चाहिए। गाँव, मस्जिद , शिवाला, नहीं उनको भुलाने चाहिए। बड़े अनमोल रिश्ते…
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ऐप की खेप से दबा शिक्षक
सीख न मनिहैं जौ गुरुअन कै,दौर पढ़ाई में जो इतरइहैं। पुअरा कइ आगि मती जरिके,पल माहिं में राखि के ढेर…
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दहेज
बेटी कोई सौदा नहीं, तराजू में जो तोली जाए, हंसी के बदले उसकी, क्यों कीमत बोली जाए। अग्नि में…
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तुलसी
“वृंदा महारानी नमो नमन करूं आराधना प्रतिदिन तुम्हारे लिए। पवित्र तुलसी मोक्ष प्रदायिनी सुंदर हरियाली मनमोहनी तुम्हारे लिए। सुलभ औषधि…
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