साहित्य

  • मैं पुरुष हूँ

    लड़कपन में बचपना बीता ग़रीबी में जवानी, ज़िंदगी से परेशान हूँ कुछ ऐसी है मेरी कहानी। दो वक़्त की रोटी…

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  • जीवन एक संगीत है

    जीवन एक संगीत है जीवन एक मधुर संगीत है, हर पल इसमें एक नई रीत है। कभी सुर ऊँचे, कभी…

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  • पवन पावनी मलयज लोभे

    पवन पावनी मलयज लोभे। नमन मातु वंदन नित शोभे॥ सघन वीथिका मधुमय छाया। मधुर नीर है पनघट भाया॥ तमस दूर…

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  • आपका साथ

    हर साल बीते आपके साथ, एक साल और बिताया मैंने आपके साथ, चलते-चलते राहें आसान हुईं, हर मोड़ पर पाया…

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  • सरस्वती वंदना

    विद्या की देवी शारदे माई हमको विद्या दान दो सदियों से भूले भटके हैं अब तो सही राह दो ज्ञान…

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  • कम्बल

    सर्द के दरमियां ये जो कम्बल है , ये तो शीत इलाकों का सम्बल है उफ ये ठिठुरती फिजायें !!…

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  • पौष मास

    सफेद धुआं सा उठ रहा हैं बिन अग्नि का, ये धुआं है एकाकीपन छा गया सब ओर सुनाई न दे…

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  • गतिमान समय

    “बीत गया जो समय हमारा, फिर वो लौट के आता नहीं, हर क्षण में अनमोल है जीवन, पर ये सत्य…

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  • कैसी है ये तेरी यादों की परछाई

    कैसी है ये तेरी यादों की परछाई भीगी है मेरी आँखें ये रातों की तन्हाई कहाँ से लाई थी ये…

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  • इम्तिहान की घड़ी

    “इम्तिहान की घड़ी” कदम न रुकने पाएँ चाहे, पग पग उलझन नई खड़ी है, तेरे दृढ निश्चय के आगे कोई…

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