साहित्य
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एक पिता की दर्द भरी दास्तां” — एक करुण नज़्म
कैंसर है मुझको, आज दवाई खाने दीजिए, सोया नहीं रातों से, आज सो जाने दीजिए। साँसें उधार सी लगती हैं…
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आजीवन भारत के, रहे बन सन्तरी..
(मनहरण घनाक्षरी) देश खूब मना रहा, यश गान छाय रहा, भारत के अटल जी, पूर्व प्रधानमंत्री। संयुक्त राष्ट्र सभा में,…
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एक पूर्ण स्त्री
एक पूर्ण स्त्री ……… तुम तो प्रेम में एक कहानी बनाई थी सुंदर सपने थे तुम्हारे साथ रह लूंगी कोई…
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जालिम ये जिन्दगी
जिसने देखा है आभाव की मंजर जिसने देखा है दुःखों का आसमान उनसे जाकर कभी पूछ ही लेना क्या…
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मेरे एहसास
हर पन्नों पे कुछ तुम्हारी, कुछ अपनी कहानी लिखती हूँ। यादों को शब्दों में पिरोकर बांधे रखती हूं। कुछ कह…
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सदैव
विचार ऊँचे सदैव रखना । सही डगर आज सोच बढ़ना ।। भला हमेशा हुआ तुम्हारा । सदैव ईश्वर यहां पुकारा…
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गजल
गजल जब स्वार्थ घुला रहता हर नेक दुआओं में, कैसे उजियाला हो अँधियारि घटाओं में। सच बोल कर रह गया…
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साठ पार की स्त्रियाँ
वो -साठ पार की स्त्रियाँ गरिमामयी आभा लिए, होती हैं हर घर की शान सदा से, मनमोहक अंदाज है उनका,…
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गिरवी रख दी
गिरवी रख दी उसने यार निशानी मेरी कोई पुछता भी नहीं हैं वो कहानी मेरी।।//१// मुश्किल है और सफ़र में…
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बेटियां
*बेटियां* बेटियाँ सुरक्षित रहें, इसके लिए क़ानून और कड़े बनें बेटियाँ समाज की नींव हैं, भविष्य की निर्माता हैं। लेकिन…
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