साहित्य

  • ठंडक

    ठंडक बैरी ने किया, जीना बहुत मुहाल। नव दुल्हन-सी घूमती, धूप ओढ़कर शाल। रूखी-सूखी है त्वचा, उलझे-उलझे बाल। होंठ शुष्क-से…

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  • भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी

    सुरों की सरगम से एक गीत सुनाऊँ आज, राष्ट्र-नव निर्माण की नींव रखने वाले राज। युग-प्रवर्तक अटल जी का जन्मोत्सव…

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  • वंदे भारत

    वंदे भारत, वंदे भारत, मेरी भारत माँ का मान है, हर धड़कन में राष्ट्र है मेरा, यही मेरी पहचान है।…

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  • दुष्ट के साथ दुष्टता (बाल-कहानी)

    एक जंगल में दो दोस्त कौए रहते थे। एक छोटा कौआ था, नाम था चिंटू, और दूसरा बड़ा कौआ था,…

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  • तैयारी जीत की

    नया साल बड़े ही धूमधाम से मनाना है। कुछ पाने के लिए, कुछ कर दिखाना है।। जीत होगी या हार…

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  • विमल

    विमल हृदय में, गिरधर बसते । चरण दरश से, नयन छलकते ।। वन उपवन भी, हरि हरि जपते । सकल…

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  • ग़ज़ल

    सब के सब अधिकार जमाये बैठे हैं। शिक्षा को व्यापार बनाये बैठे हैं। झूठी -सच्ची खिदमत में सब उनके, झूठों…

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  • नर तन दुर्लभ है यहि जगत

    हे!प्रियवर,काव्य-सुधी जन नर तन दुर्लभ है यहि जगत, दुर्लभ विद्यापति सोय, दुर्लभ जग में कविता करन,दुर्लभ कवितामति होय। कवि स्रष्टा…

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  • वह पहली बेला

    वह पहली बेला जब तुम से बातयाये थे जब जब बातें करता हूं मानो ऐसा लगता है कुछ भी तो…

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  • श्री अटल बिहारी वाजपेई

    अजर अटल देवत्व तुम्हारा बहुआयामी व्यक्तित्व तुम्हारा राजनेता,कवि,पत्रकार तुम भारत रत्न व्यक्तित्व तुम्हारा पिता श्रीकृष्ण बिहारी वाजपेई माता जी श्रीमती…

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