साहित्य
-
दिव्य प्रकाश
जिसने आपको ध्याया प्रभु उसने सब-कुछ पाया है फिर मेरे जीवन में कैसे भोले यह दुःख आया है आप से…
Read More » -
यार तेरी इतनी हिम्मत!
याद आता है स्कूल का वो बीता हुआ जमाना, किरण के संग क्लास में वो शोर मचाना। जब आधी छुट्टी…
Read More » -
सफलता का द्वार
सफलता का यह द्वार दूर बहुत दूर..है अभी, है सुनहरा सा -पर रास्ते इसके पथरीले से और उबड़ खाबड़ टेढ़े…
Read More » -
अरावली की व्यथा
नहीं बचेगा जब जंगल जीवन ये पर्यावरण दूषित हो जाएगा पर्यावरण के दूषित होने से, तब जल संकट गहराएगा! त्राहि…
Read More » -
जमाने में उठाते हैं
जमाने में उठाते हैं,फायदा सब शराफत का कहें क्या दास्ताँ यारों, नशीले दिल नजाकत का । चढ़ा है रंग उन…
Read More » -
कहाँ गए वो दिन
वह दिसंबर की ठंड और न्यू ईयर का इंतज़ार, सखियों की टोली और वो यादें बेशुमार। कहाँ गए वो दिन……
Read More » -
वीर रस कविता पाठ का परित्याग … हास्य-व्यंग्य
एक कवि सम्मेलन में मुझे बुलाया गया। वीर रस में कविता पाठ करना था। हम बहुत खुश हुये। वीर रस…
Read More » -
गिरा के ख़ुद को
गिरा के ख़ुद को भी आंखों कहकहा लूट लिया किया उसी ने भी धोखा अन कहा लूट लिया।।//१// नज़र लगी…
Read More » -
सप्तरंग
सात सुर लय तान, सृजन है सृष्टि गान, सप्तरंग में समाया,जग का प्रकाश है। लाल रंग साहस का,आँखों में…
Read More » -
ठंड
कपकपाती ठंड में भी, वो मजदूर काम कर रहे। साहब लिपटे हैं रजाई में, मगर वो सिर पर हैं ईंट…
Read More »