साहित्य
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मेरे अनुभव
प्रेम से ज्यादा कसमोंकश नहीं जो होता किसी से बरबस नहीं नयनो से घातक कोई तीर नहीं दिमाग से बड़ा…
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नीर
संसार से लोक लज्जा उठी आज, सूखा सभी लोग के आँख का नीर । सौगात पोशाक कैसे फटे हाल, ये…
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कच्ची हैं सब सड़कें
घासफूस के घर हैं कच्चे, कच्ची हैं सब सड़कें। पेड़-पौध खलिहान खेत में, जनजीवन नित धड़कें॥ मध्य मार्ग में कुत्ते…
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मूली और बैंगन ( बाल कविता )
बच्चों,मूली है गोरी-गोरी दिखती है प्यारी-प्यारी रोज खूब नहाती-इतराती खूब हंसकर नखरे करती काले बैगन को चिढाती मस्ती में मुँह…
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उपकार में अपकार
उपकार में जब अपकार हुआ , सत्कार में जब दुत्कार हुआ । हुआ अंत जब सहनशक्ति का , हृदय का…
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टूटा तारा
देखो…,देखो प्रिये.., वो टूटा हुआ इक तारा, कैसे जा रहा है दूर, बिछुड़ कर अपनों से, इस अंबर के आंगन…
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व्यंग्य:- चाय ने आज तक किसी को नहीं रुलाया सो चाय पिया करते हैं..
व्यंग्य:- चाय ने आज तक किसी को नहीं रुलाया सो चाय पिया करते हैं.. —- ना ये पंक्तियां ना शेर…
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श्रृंगार
मुहब्बत हो गई तुमसे लो झनकार करते हैं सोलह श्रृंगार से सजी दुल्हन इकरार करते हैं।। तेरी ही मुहब्बत का…
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एक रोज अकेले चलना होगा
अहसास न था मुझको एक रोज अकेले चलना होगाI जीवन के पथ शूलों से एक रोज तन्हा गुजरना होगाII अपने…
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जयचन्द प्रजापति ‘जय’ का जीवन परिचय
प्रारंभिक जीवन…उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की हंडिया तहसील के छोटे से गाँव जैतापुर में 15 जुलाई 1984 को श्री…
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