साहित्य
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अब अर्थ का अनर्थ निकाल लेते हैं
किसी का पद उसकी श्रेष्ठता निश्चित नहीं कर सकता है, पर उसका आचार व्यवहार ही उसकी श्रेष्ठता तय करता है।…
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जीवन की नैय्या और किनारा
जब तक गंगा यमुना में पानी है, तब तक जीवन की ज़िम्मेदारी हैं, इंतज़ार करोगे पानी रुके कब तक कब…
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नवतपा की तपिश और लू के थपेड़े,समझदारी ही है सबसे बड़ा बचाव
नवतपा की ज्येष्ठ मास की शुरुआत होते ही उत्तर और मध्य भारत में ‘नवतपा’ का आगाज़ हो जाता है, जब सूर्य…
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आंतरिक संप्रभुता का अमोघ अस्त्र, विकारों के कोलाहल में शांत रहने की कला
आज का मानव विकास और तकनीक के शिख़र पर बैठकर भी भीतर से अत्यंत अशांत और बेचैन है। हम एक…
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विकसित भारत के निर्माण में हमारी भूमिका क्या हो,
किसी भी राष्ट्र की नियति केवल उसकी सीमाओं या सरकारी नीतियों से तय नहीं होती, बल्कि उसके नागरिकों के सामूहिक…
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बहू मारते धन के लोभी
किरण कुमारी ‘वर्तनी’ जमशेदपुर बहु मारते धन के लोभी, विस्मय वाली बात। कड़ा कानून आज बने बस,हो निर्णय रातों…
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हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई।।
1 कभी बोल मीठे तो कभी चीत्कार लिखता है। कभी विपक्ष तो कभी सरकार लिखता है।। यह कलम का सिपाही…
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घन बरसे चहू ओर
सहसा बादल छा जाता है नभ काले काले बनता है इससे मेघ गर्जन करता है और बिजली चमकती है मूसलधार…
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शिक्षा में त्रिभाषा सूत्र और राष्ट्रीय एकता
भाषा किसी भी राष्ट्र की एकता की सूत्रधार और पराधीन होने पर भी कारागार की कुंजी होती है।कदाचित भाषा ही…
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