साहित्य
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ग़ज़ल
जहाँ तक भी नजर जाती सियासत ही सियासत है। मुहब्बत की जगह हरआँख में केवल अदावत है।। नशा दौलत…
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नशे से मुक्ति, जीवन की शक्ति”
विश्व तंबाकू निषेध दिवस हमें संदेश देता है, हर इंसान को स्वस्थ जीवन का रास्ता दिखाता है। तंबाकू सेवन और…
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वृद्धाश्रम क्यों बढ़ते क्यों जा रहे हैं
बेटा नौकरी पर शहर चला गया, माँ-बाप का घर सूना पड़ा गया। बहू को सास की बात चुभने लगी, रिश्तों…
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महाकुंभ
30 जनवरी 2025 ब्रहस्पतिवार के दिन मैं अपने परिवार के साथ अरैलघाट संगम में स्नान करने गई।साथ में मेरी छोटी…
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शब्द -सीढ़ी
प्रदत्त शब्द —- कृष्ण,मधुर ,शरण,जगत, जिंदगी रास रचे हैं राधा कान्हा ,पिए प्रेम की भंग। गोपी सब लगती…
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बारिश थी बड़ी शांत
बारिश थी बड़ी शांत ना कोई ख्वाइश ना कोई उमंग बस सोच रही हूँ की क्यों हैं बार बारिश बड़ी…
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समझ
सौ-सौ चूहे खा कर, जब काली बिल्ली, हज को चली, तो रास्ते में उसके गंगा पड़ी। बिल्ली ने सोचा,…
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अदा/ हाव-भाव/नखरा
हम मिट्टी के लोग हैं बाबू मिट्टी से उठ के हम आये हैं। नहीं हमारा किसी से झगड़ा किसी…
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भारत भू ही बनी वेदिका
बिना वेदिका अनुष्ठान क्या, मंच बिना कैसा अभिनय । उन्मुक्त हुआ था आजादी में, जन आंदोलन था सविनय।। संघर्ष…
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