साहित्य
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सत्य प्रकाश
हथेली की दरकी रेखा में, प्रारब्ध लिखा विस्तार। सूक्ष्म तंतुओं में उलझा है, जीवन का व्यवहार। माया के झीने जालों…
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हमारा रंगीन अस्पताल
पास के अस्पताल ने आज फिर शोर मचा दिया, भाई, इन्होंने तो टेरेस को ही बगीचा बना दिया। सुबह-सुबह उल्टी…
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तुमको याद करते हैं
निज को आबाद करते हैं , जब तुमको याद करते हैं । बदनाम न करे कोई हमें , बस जमाने…
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किस क़दर टूटा हूँ
किस क़दर टूटा हूँ, तुमको क्या बताऊँ, जिस्म छलनी छलनी, तुमको कैसे बताऊँ? जबसे दिलाया याद, वादा मोहब्बत का, और…
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संस्मरण जीवन साथी के साथ बिताए कुछ पल
पिछली बार जब मैं बेंगलुरु से गुवाहाटी गई थी तो यहाॅं पर मेरे पतिदेव थे और यहीं उन्होंने चिर-शांति वरण की थी।…
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खूब रोना चाहता हूं पर वक्त नहीं मिलता
तंग आ चुका हूं देश और दुनिया के राग द्वेष से ऊँच नीच और सैकड़ों बैराग आलाप रही दुनिया से…
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मुझे भी सम्मान मिलना चाहिए एक कविता भावुक करती हुई
मुझे भी सम्मान मिलना चाहिए, मैं भी किसी की बेटी हूँ, ये पहचान मिलना चाहिए। मेरे सपनों का भी एक…
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रात बड़ी खतरनाक होती है
रात बड़ी खतरनाक होती है.. ऐसा ही सुना था.. पर इतनी ख़तरनाक होती है.. ये तो उसके साथ जीने के…
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नारी
नारी ही नारायणी, भिन्न-भिन्न हैं रूप। सुता बहन पत्नी बनी,माँ का रूप अनूप।। मांँ का रूप अनूप,निभाती जिम्मेदारी। करती सम…
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फुस्स हो गया गैस सिलेंडर
फुस्स हो गया गैस सिलेंडर फक्क हो गया चूल्हा। मुरझा कमल,बची डंडी ले झूम रहा है दूल्हा। ईंधन का अकाल,मुंहझौंसी…
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