साहित्य
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अकेलापन
मेरे अकेलेपन से जो निकले मेरी कलम से अल्फाज वो,जैसे दिलों मे जगा दे आगाज़, हर शब्द में बसी है…
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धुएँ का ये काला घेरा
जहरीली सांसों से भरा पर्यावरण फैला हर ओर है नीला नहीं ये मट मैला आकाश कालिख में लिपटा है मशीनों…
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अनमोल उपहार सा जीवन मत उपहास बनाना
अनमोल उपहार सा जीवन मत उपहास बनाना। सबको मिलता आम जीवन तुमको है खास बनाना।। अपना कर्म निभाते चलो फल…
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हाल-चाल
हम तो ठुकराए हुए बैठे हैं आप बतलाएं किस हाल में, बैठे हुए हैं!! दर्द की कोई दवा मिल गई…
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बिन बताए इश्क़
गाड़ी के पहिये के नीचे आ गया क्या पता कैसे मैं तुझको अपना बना गया सोचा नहीं था कि ये…
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अरुणिमा का सागर
दूर क्षितिज तक फैला सागर, लहरों में संगीत जगा, धीरे-धीरे उगा सूर्य जब, नभ में लाल सुनहला छा। नीली…
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चित्र आधारित गीत
खाट बिछा जब बैठते थे, हम आंगन द्वारे में. खुली. खुली छज्जे से गिरते बरसाती धारे में। यहीं खाट…
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गीत
खाट बिछा जब बैठते थे, हम आंगन द्वारे में. खुली. खुली छज्जे से गिरते बरसाती धारे में। यहीं खाट पर…
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जलधार की छाया
धधक रही भू की देहरी, रवि बरसाए अंगारे। ऐसे में तरु-छाया लगती, जैसे सुख के द्वारे।। पीपल की दृढ़…
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शास्त्र सम्मत
बात तर्क – संगत हो और शास्त्र सम्मत हो, उपदेश ज्ञान वही दे उसमें जो पारांगत हो। ज्ञान का निरूपण…
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