इन्दौर से मथुरा वृंदावन तक – मंद-मंद मुस्काते भोले

इन्दौर – आध्यात्म,भक्ति और प्रेम जिंदगी का वह सकारात्मक पहलू है जहां व्यक्ति के मन की सारी कुंठाएं लुप्त हो जाती हैं।वह लीन हो जाता है भक्ति के उस महाकुंभ में, जहां-जहां उसकी नजरें जाती हैं सर्वत्र ईश्वरमय दिखाई देता है।

हाल ही में इन्दौर के शिक्षक,कवि और खेल समीक्षक कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी ‘राम’ की भोले शिव पर 300 वीं रचना… ओम नमः शिवाय ,, देश भर के विभिन्न अखबारों व पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई है।गत मासांत में ही त्रिपाठी जी का काव्य संग्रह..मंद-मंद मुस्काते भोले ….. भक्ति रसिक पाठकों के हाथ में आया है। 30 जुलाई 2018 से शिवजी पर रचना लिखने का और उन्हें देश के दर्जनों अखबार व पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित करनें का क्रम शुरू हुआ जो 300 रचना तक जा पहुंचा है। इसमें से 208 रचनाओं का काव्य संग्रह लोकार्पित हुआ है।
जिसे देश भर के आध्यात्म के अहम व्यक्तित्तवों ने सराहा है।
19 अप्रैल 2021 से तो हर सप्ताह वे लगातार एक नवीन रचना भोलेनाथ पर लिख रहे हैं ,243 सप्ताह हो चुके हैं और यह क्रम जारी है।
वृंदावन के ब्रज साहित्य सेवा मंडल अध्यक्ष ,यूपी रत्न डां. गोपाल चतुर्वेदी ने त्रिपाठीजी के काव्य संग्रह को लोक कल्याणकारी कहा है,उनके मतानुसार यह 208 रचना का पहला संग्रह है जो मात्र शिवजी पर केन्द्रित है। उज्जैन के पूर्व कुलपति आचार्य मिथिला प्रसादजी त्रिपाठी ने कहा है कि कवि कार्तिकेय नें भगवान शंकर को हर स्वरूप में देखा है,उसे काव्य में अभिव्यक्त किया है।
देवपुत्र संपादक इन्दौर के गोपाल जी माहेश्वरी ने संग्रह को सत्यं शिवम् सुंदरम का अंश बताया है।
काव्यसंग्रह मंद-मंद मुस्काते भोले की खबरें एवं कविताएं त्रिपाठी जी के गृह प्रदेश के साथ -साथ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड,नई दिल्ली, झारखंड, जम्मू, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ , हरियाणा,तमिलनाडु व अन्य जगहों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। त्रिपाठी जी दि ग्राम टुडे के लिए पिछले 6 वर्षों से लगाणतार कलम चला रहे हैं,प्रकाशन की और से त्रिपाठी जी को बहुत-बहुत बधाई।



