
मुझको यारों गुनहगारों से मिलाया मत करो
करते गुनाह कातिलाना फ़िर झुकाया मत करो।।//१//
ऐसे लोगों को कभी भी पास लाना है बुरा
नफ़रत का अड़ंगा कभी आजमाया मत करो।।//२//
देखकर के वो नज़ाकत फ़िर नसीहत देते हैं
ऐसे नाज़ुक रिश्तों को तुम भी भुलाया मत करो।।//३//
दिल लगाना चाहिए अब जिन्दगी में रौशनी
देखकर उस कली को तुम जलाया मत करो।।//४//
देख उसको हलक सूखा हैं हमारा आज तो
रात गुजरे कब से निकले दिल पिलाया मत करो।।//५//
ताज़मीन
घुटता हैं दम मेरा मन भी यार घबराता है
मुझको इतने सारे लोगों से मिलाया मत करो।।//६//
मकता
कैसे कोई हमको छू भी तो सके ना दिल कनक
करके हम पे यार अहसा तुम जताया मत करो।।
कनक




