साहित्य

मौसम बदल जाएगा

परमानन्द राठौर गुराडीया

 

एक झोंका हवा का जो चल जाएगा।
खूबसूरत यह मौसम बदल जाएगा।

ए कली फूल बनकर न इतना महक।
कोई आया जो भंवरा मचल जाएगा।

ए शमा जलते जलते न इतना दहक।
कोई आएगा परवाना जल जाएगा।

गुलबदन रुत जवाँ है ना श्रृंगार कर।
फरिश्तों का दिल भी पिघल जाएगा।

परमानन्द राठौर गुराडीया

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