प्रयागराज के साहित्यकार जयचन्द प्रजापति ‘जय’ को अयोध्या में हिंदी दिवस पर मिला प्रतिष्ठित सम्मान

प्रयागराज 15-01-2026 (दि ग्राम टूडे)।
प्रयागराज। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त श्री राम साहित्य सेवा संस्थान, अयोध्या ने 10 जनवरी 2026 को हिंदी दिवस विशेष पर प्रयागराज के प्रमुख साहित्यकार जयचन्द प्रजापति ‘जय’ को उत्तम सृजन के लिए सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया। संस्थान ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए साहित्यिक जगत में उनके योगदान की सराहना की।
समकालीन हिंदी साहित्य के इस प्रतिभाशाली कवि, लेखक और व्यंग्यकार का जन्म जुलाई 1984 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के हंडिया तहसील के जैतापुर गाँव में एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ। स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा प्राप्त जयचन्द की रचनाएँ आम बोलचाल की भाषा में सामाजिक सरोकारों, गरीबी, इंसानियत, स्त्री विमर्श, करुणा और बचपन जैसी संवेदनाओं को स्पर्श करती हैं।
उनकी कविताएँ जैसे “मेरा सफर”, “वह स्त्री”, “हमारा देश”, “सच्चा दिल” और “मेरा बचपन” पाठकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।कविता, लघुकथा, हास्य-व्यंग्य और लेखन विधाओं में सक्रिय जयचन्द की रचनाएँ समाचार पत्रों, साहित्यिक पत्रिकाओं तथा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से पढ़ी जाती हैं। हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक विद्रूपताओं पर करारा प्रहार करने वाली उनकी कलम ने कई मंचों से श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान अर्जित कर चुकी है।
यद्यपि अभी तक उनकी कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई, वे शीघ्र प्रकाशन की योजना बना रहे हैं और साहित्यिक समुदायों में उभरते नाम के रूप में हिंदी साहित्य को समृद्ध कर रहे हैं।साहित्य प्रेमियों का मानना है कि जयचन्द प्रजापति ‘जय’ जैसी जमीन से जुड़ी आवाजें हिंदी साहित्य को नई दिशा प्रदान करेंगी।




