
बहुत दिन हो गये तुमसे बिछड़े,
तुमको मिलने का मन कर रहा है।
बहुत दिन हो गये तुमसे बिछड़े,
तुमको मिलने का मन कर रहा है।
कैसे बताऊँ तुमको कि,
तेरे बिना दिल नहीं लग रहा है।
कैसे समझाऊँ तुमको कि,
तेरे न होने पर चाँद रूठा रूठा सा
लग रहा है।
कैसे बताऊँ तुमको कि,
तेरे बिन सब सुनना सुनना लग रहा है।
बहुत दिन हो गये तुमसे बिछड़े,
तुमको मिलने का मन कर रहा है……
— रिया राणावत ✨
कालीदेवी, झाबुआ (मध्य प्रदेश)




