
हम होंगे निश्चित कामयाब,
सभी बाधाओं को करके पार।
सब्र करके कर्म करना है,
हिम्मत हमेशा बुलंद रखना है।
ना रुकना है ना थकान है,
संघर्षरत हमेशा रहना है।
अपने सपनों को पूरा करने में
डटकर कदम बढ़ाना है ।
मौका कोई न खोने दूंगी,
जीत हासिल करके रहूँगी।
शक्तिपुंज हो हृदय में तो,
हर अड़चन को पार कर जाऊंगी।
ऊँच निच की दीवार को तोड़े,
मित्रता से सब हाथ को जोडें।
लक्ष्य पर सिर्फ नजर रखना है,
कामयाबी को सिद्ध करना है।
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ममता झा “मेधा”
डालटेनगंज




