
1
बुझ गये दीए फिर से उन्हें जलाया जाये।
गुम गये रिश्ते हालात में उन्हें बुलाया जाये।।
बहुत हो गया खेलअब नफरत का जिंदगी में।
आ गया वक़्त दिल से दिल मिलाया जाये।।
2
क्योंकि खुशियों भरा एक जहान है जिन्दगी।
प्रभु से मिला उपहार बहुत महान है जिन्दगी।।
मुश्किलों से मत घबराओ यही बात बताती है।
जीना तो शुरू करो बहुत आसान है जिंदगी।।
3
क्यों जिंदगी से रोज़ दूर खुद को करने लगे हैं।
क्रोध और अभिमान भीतर भरने लगे हैं।।
जानलो जिंदगी प्रेम सहयोग मिलन का नाम।
हर दिन थोड़ा-थोड़ा लोग अब मरने लगे हैं।।
4
एक दिन बीता हुआ इतिहास तुम बन जायोगे।
अतीत में गुम होकर बस बेहिसाब से बन जायोगे।।
गर जिंदगी को जिया स्नेह प्रेम सहयोग मिलन से।
बनके सबके प्रिय आदमी बस खास बन जायोगे।।
रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”
बरेली।।




