
गर्मी आई गर्मी आई।
मौज सभी बच्चों की लाई।।
छुट्टी का संदेशा आया।
बालक मन कितना हर्षाया।।
मिली पढ़ाई से तो छुट्टी।
विद्यालय से कर ली कुट्टी।।
हम बस सारा दिन खेलेंगे।
घर वाले हमको झेलेंगे।।
नानी के घर जाएँगे हम।
मस्ती-मौज उड़ाएँगे हम।
मम्मी डाँट नहीं पाएगी।
मन मसोस कर रह जाएगी।।
मामा-मौसी प्यार करेंगे।
नोटों से तो जेब भरेंगे।।
मिलकर हम सब बहना-भैया।
रोज करेंगे ता-ता थैया।।
स्वरचित
डॉ ऋतु अग्रवाल
मेरठ, उत्तर प्रदेश




