
फैल रहा है ख़ूब प्रदूषण
काट रहा मानव जंगल वन
हवा हो रही है ज़हरीली
कमज़ोर पड़ रहा है सबका तन
समय आ गया है कि मिलकर
हम सब कोई क़दम उठाएं
संदेश ये हम सब एक फैलाएं
हम सब मिलकर पर्यावरण बचाएं
धरती चिल्ला रही हमारी
क्या विनाश की कर ही डाली है
तुमने तैयारी
जल जीवन में निर्मलता का
नामों निशान न बाकी
सांसों में अब ज़हर घोलती
प्राण वायु वसुधा की
प्रकृति ने है जो हम सबको दिया
सबसे अनमोल ये वो धन है
माता है ये धरा हमारी
हम सब इसका सम्मान करें
आओ हम सब मिलकर पर्यावरण बचाएं।।
डॉ. अनीता शाही सिंह
असिस्टेंट प्रोफेसर
प्रयागराज




