अब देश का दूसरा विभाजन नहीं होगा, राष्ट्र विरोधी तत्वों से कड़ाई से निपटेंगे- अमरीश तिवारी
दि ग्राम टुडे/ पवन भारतीय

हरिद्वार/ अखिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय सचिव अमरीश तिवारी ने कहा कि अब देश का दूसरा विभाजन नहीं होगा, राष्ट्र विरोधी तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा। जनसंघ रामराज्य की परिकल्पना को साकार करते हुए प्रखर हिंदुत्व,प्रखर मानवतावाद और प्रखर युवा वाद के सिध्दांत पर तेजी से अग्रसर है। श्री तिवारी दूरभाष पर हमारे प्रतिनिधि से वार्ता कर रहे थे।
राम राज्य की परिकल्पना पर विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जिस राज्य में हर व्यक्ति, हर धर्म सुरक्षित हो सबको न्याय और सामाजिक संरचना भेदभाव रहित हो वही राम राज्य है।
उन्होंने कहा कि प्रखर युवा वाद अखिल भारतीय जनसंघ की प्राथमिक वरीयता में सम्मिलित है। युवा देश की रीढ़ होता है। राजनीतिक पार्टियों में युवाओं के प्रति यूज एंड थ्रो की वर्तमान शैली पर खेद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि युवा ही राजनीतिक पार्टियों की संजीवनी है इसलिए युवाओं के प्रति इस तरह की शैली अपनाया जाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है क्योंकि पार्टियों के युवा विंग को प्रथम पंक्ति के सशक्त विंग माना जाता है।
ये फ्रंट लाइन संगठन ही पार्टियों के कार्यक्रमों को पूर्ण कराने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और पार्टियों के सिद्धांतों के लिए संघर्ष करते हैं जिसके परिणाम स्वरुप मुकदमे भी इन युवाओं पर ही कायम होते हैं जबकि बाद में नेताओं द्वारा इन युवाओं से अपना संबंध विच्छेद कर लिया जाता है और पार्टियां उनको भूल जाती हैं।
लेकिन अखिल भारतीय जनसंघ ने प्रखर युवा वाद को अपनी प्राथमिकताओं में सम्मिलित किया है इसलिए जनसंघ का निर्विवाद मानना है कि युवा विधानसभाओं और संसद में पहुंचे और राष्ट्र निर्माण की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाएं जिससे उनका समाधान हो सके और युवाओं को वह अधिकार मिलना चाहिए जिसका वह हकदार है ।
वर्तमान परिदृश्य पर विचार व्यक्त करते हुए श्री तिवारी ने तल्ख शब्दों में कहा कि सरकारों की कमजोरी के कारण देश में राष्ट्र विरोधी तत्व सक्रिय हैं, जहां-तहां राष्ट्र विरोधी आवाज़ उठती रहती हैं,।
श्री तिवारी ने देश के विभाजन की दुखद त्रासदी को याद करते हुए कहा कि देश का एक बार धर्म के आधार पर बंटवारा हो चुका है अब दूसरा विभाजन नहीं होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा की अखिल भारतीय जनसंघ मांग करती है कि जहां पर भी देश विरोधी आवाज उठे उसे इतनी सख्ती से कुचल दिया जाएगा ताकि दोबारा कोई भी संगठन या व्यक्ति राष्ट्र विरोधी आवाज उठाने की सोच भी ना सके।




