
कहते हैं मेजबानी हर किसी को रास नही आती, फलतः रियो में विश्व फुटबॉल जगत ने ब्राजील की खिताबी जीत की संभावनाओं को भरपूर हवा दे दी थी, भारतीय परिपेक्ष्य में यदि कहा जाए तो – ” होइहे वही जो राम रचि राखा” गलत नहीं होगा, मेजबान दर्शकों ने तो ब्राजील की संभावित जीत के लिए पलक पांवडे़ बिछा रखे थे, किन्तु जर्मन रणबांकुरों ने तो कुछ और ही ठान रखा था। मेंच-दर-मेंच अपने खेल को निखारते हुए जर्मनी नें सेमीज में प्रवेश किया जहां उसका सामना घरु टीम ब्राजील से था,64 वर्ष बाद ब्राजील को विश्वकप की मेजबानी का मौका मिला था। एक बार तो लगा 2002 के फाइनल का रिकेप इस बार सेमीज में ही दोहरा दिया जाएगा, पर ब्राजील के नसीब में तो कुछ और ही लिखा था ,
छोटे-छोटे म्रग छोनो पर जिस तरह शेर हमला करता है वही दुर्गति ब्राजील टीम की हुई। जर्मनी ने ब्राजीलियन डी पर लगातार हमले करते हुए सात गोल दाग दिए , ब्राजील का सांत्वना रूपी एक मात्र गोल 90 वें मि. में आंस्कर ने किया । यहां खेल के 23 वें मि. मे दिग्गज क्लौस का गोल उन्हें विश्वकप में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाडियों की सूची में शीर्ष पर ले आया (16 गोल) ,क्रुक और शेवरिले ने दो-दो गोल किये।
हालांकि लीग मेंचों में गत विजेता स्पेन को हाँलेड ने 5-1 से,व चिली ने 2-0 से शिकस्त देकर दूसरे दौर से वंचित कर दिया,तो इटली और उरुग्वे ने इंग्लैंड को हराकर निराशा के भंवर में डूबने-उतराने के लिए छोड़ दिया। वैसे उरुग्वे व कोस्टारिका से हारकर चार बार का विजेता इटली भी पहले दौर में ही हार गया।
दूसरे दौर में हाँलेड ने मैक्सिको, कोलंबिया ने उरुग्वे, फ्रांस ने नाइजीरिया, जर्मनी ने अल्जीरिया, अर्जेंटीना ने स्विटजरलैंड, बेल्जियम ने अमेरिका व ब्राजील ने चिली को क्वार्टर फाइनल में शिकस्त दी।
क्वार्टर फाइनल में ब्राजील ने कोलंबिया को 2-1 से हराया।
अर्जेंटीना ने बेल्जियम को हिगएन के गोल से ,और हाँलेड ने शूट आउट में कोस्टारिका की राह में रोडा़ (4-3)अटकाया।
सेमीज में हालांकि हाँलेड को अर्जेंटीना ने बेहद रोमांचक टाईब्रेक में 4-2 से शिकस्त दी, पर तीसरे स्थान के मेंच में हाँलेड ने ब्राजील को 3-0 से करारी शिकस्त दे ब्राजील की विजेताई साख को नेस्तनाबूद कर दिया।
रियो डी जेनेरियो के मारकाना स्टेडियम में जर्मन फिलीप लाम और अर्जेटीनाई मैसी की टीमों ने अपने खेल से फुटबॉल जगत का मन मोह लिया।अंततः अतिरिक्त समय के 113 मि. में स्थानापन्न खिलाडी़ मारियो गोत्जे के दर्शनीय गोल ने (1-0) जर्मन परचम को चौथी बार शिखर पर फहरा दिया । अर्जेटीनाई टीम हारी पर खेल से सभी का दिल जरूर जीत लिया।
कुल 64 मेंचों में 171 गोल बने,तो उरुग्वे के जेम्स रोड्रिग्ज 6 गोल कर शीर्ष पर रहे। 20 वां विश्वकप विदा हो गया , और अब हाजिर हुआ 21वां विश्व कप अपनी वही रंगीनी, संघर्ष, रोमांच, और उत्तैजना लेकर रूस में, लेकिन इसकी बातें कल…तब तक के लिए राम-राम…।
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कार्तिकेय त्रिपाठी ‘राम’
इन्दौर, 7869799232




