साहित्य

अयोध्या 

डॉ.उमा रानी

रामलला अति सुंदर लागे

रजत सिंहासन वे विराजे

पावन अयोध्या नगरी है

सरयू यहां पर बहती है।

 

बीते वर्ष मिला एक अवसर

गए अयोध्या दर्शन पर।

चहुॅंदिस शांति का फेरा था

हर घर प्रेम का डेरा था।

 

रामलला जिस ऑंगन खेले

कनक भवन नयन इन देखें।

बली गढी के दर्शन पाये

नंदीग्राम देख हरषाये।

 

दौड़ धूप न कहीं दिखी थी

जीवन की सब सहज गति थी

समझ में इतना बस आया

भजन सत्य और सब माया।

 

डॉ.उमा रानी दुबे

जयपुर, राजस्थान

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