
अहरौला।राजकीय महिला महाविद्यालय समदी में सोमवार को पुरातन छात्रा परिषद की औपचारिक बैठक व मिलन समारोह का आयोजन प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में किया गया। प्राचार्य ने सबका स्वागत कर सम्बोधित किया और कहा कि यह संगठन प्रदेश सरकार के सोसायटी अधिनियम द्वारा पंजीकृत किया गया है जिसके माध्यम से पुरातन छात्राओं को महाविद्यालय के अकादमिक प्रगति के लिये तत्पर रहना है। पूर्व छात्रायें उच्च शिक्षण संस्थान की असली पहचान होती हैं और संस्था का मान उनके सफलता से हमेशा जुड़ा रहता है। मंच से अपनी बात रखते हुए पूर्व छात्राओं ने अपने अकादमिक एवं गैर अकादमिक अनुभवों को साझा किया। वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा एकता मौर्या ने कहा कि इस महाविद्यालय से जो भी उन्होंने सीखा वह उच्च शिक्षा प्राप्ति में बहुत सहायक सिद्ध हो रहा है। बीएचयू से परास्नातक कर रही परिषद की उपाध्यक्ष रुपाली पाठक ने बताया कि इस संस्थान ने उनके व्यक्तित्व को संवारा है, आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में विधि की शिक्षा ग्रहण कर रही शिवांगी मिश्रा ने अपने सफलता का श्रेय प्राध्यापकों को दिया। नेट परीक्षा उत्तीर्ण रागिनी चौबे ने महाविद्यालय को ग्रामीण क्षेत्र का गौरव बताया और अकादमिक वातावरण को दिशा देने इसकी भूमिका की चर्चा की। इसी के साथ उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहीं प्रिया यादव, शिखा, पूजा, सोनाली पाठक, साकिया, अनुपम ने भी अपने विचार साझा कर प्राध्यापक के साथ महाविद्यालय की अकादमिक प्रेरणा को लक्ष्य पूर्ति के लिये सराहा तथा साथ में विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय को समृद्ध करने का भी सुझाव दिया। प्राध्यापक डा. प्रज्ञानन्द प्रजापति ने पुरातन छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पुरातन छात्रा संगठन किसी भी संस्थान के लिए ऊर्जा प्रवाह का सशक्त माध्यम होता है। मंचीय संचालन डा. जमालुद्दीन अहमद के द्वारा किया गया। इस अवसर पर पुरातन छात्राओं के साथ प्राध्यापक डा. प्राणनाथ सिंह यादव, डा. राकेश कुमार, डा. दिलीप कुमार वर्मा, डा. कंचन यादव के साथ कार्यालय की अदिति सिंह, शोभनाथ, आशा, संतोष आदि उपस्थित रहे।


