
लहराती ज़ुल्फ़ों में,
तुम बहुत प्यारी लगती हो।
तुम्हे देख के दिल झूम रहा है,
इतनी सुन्दर रूह हो तुम।
बहुत प्यारी आवाज़ है तुम्हारी ,
पूरे दिन सुनने के बाद भी ,
तुम्हारी आवाज़ सुनने का दिल करता हैं।
शायद जो दिल में है मेरे ,
वो में बया नहीं कर सकता ।
क्योंकि प्यार की भाषा ही तुम हो मेरे लिए,
जो एक रूह से दूसरी रूह तक आती हैं।
तुम्हारा तन जितना सुंदर हैं, उसे भी अधिक पसंद मुझे तुम्हारी रूह आती हैं।
तुम्हे देखने के लिए दिल हर वक्त बेचैन रहता है।
मेरी हर साँस में सिर्फ तुम्हारा नाम रहता है।
तुम्हारी लहराती ज़ुल्फ़ों मैं
तुम बहुत प्यारी लगती हो।।
– रिया राणावत
कालीदेवी,झाबुआ(मध्यप्रदेश)




