साहित्य

आत्मा पर लगी चोट 

डॉ रामशंकर चंचल 

जब भी किसी को

उसकी आत्मा पर

इतनी गहरी चोट लगती हैं

कि वह नया इतिहास रचा देते हैं

इस अद्भुत सत्य को

महसूस किया है

जीया हूं इसकी पीड़ा ले

पर चोट देने वाले

नादान लोग नहीं समझ पाए

जब भी किसी की आत्मा को

इतनी गहरी चोट लगेगी

तब सारी कायनात

उसके साथ होगी

ख़ुद ईश्वर उसके पास

साथ हो जाता है

आत्मा की चोट

यूं नहीं जाती हैं

साहब, आत्मा एक पावन पवित्र

होती हैं जो

ईश्वरीय तुल्य है

डॉ रामशंकर चंचल

झाबुआ मध्य प्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!