
वृद्ध आश्रम क्यों बढ़ते जा रहे हैं?
वृद्ध अकेले क्यों पड़ते जा रहे हैं?
भारतवर्ष के संस्कार जहां पितरों का पूजन तर्पण भी जरूरी है,
वहां वृद्धो को वृद्ध आश्रम भेजने की क्या मजबूरी है?
सोचा है कभी?
बहुत से विज्ञापन देखते थे हम,
चीज हैं ज्यादा खरीदने वाले हैं कम?
जब बने होटल तो घूमने का प्रचार किया।
देख देख कर पिक्चरें बढ़िया से बढ़िया होटल में विहार किया।
तोड़कर संयुक्त परिवार जब एकल परिवार किया,
बढ़ते गए विज्ञापन
सबने सामानों का विस्तार किया।
आज सबको सब कुछ अलग चाहिए।
एकल परिवार में रहने की स्वतंत्रता चाहिए।
वृद्धो को जब घर से बाहर किया तभी तो वृद्ध आश्रम का विस्तार किया।
यूं ही तो नहीं बिगड़ते संस्कार किसी के,
भौतिकतावाद बढ़ाकर हमारे संस्कारों का ही पहले संहार किया।
बिगड़ गए संस्कार इसलिए सबसे पहले वृद्ध आश्रम में वृद्धो को बाहर किया।
मधु वशिष् फरीदाबाद हरियाणा




