श्रीराम कथा में भी मंद-मंद मुस्काते भोले
गांधीनगर इन्दौर – विगत दिवस गांधी नगर श्रीराम मंदिर परिसर के विशाल कक्ष में आचार्य पं. विरेंद्र शर्मा नें श्रीराम कथा के पांचवे दिवस सीता स्वयंवर के रोचक प्रसंगों से हाल में उपस्थित भक्ति रसिकों को भाव विह्वल कर दिया।
इस दौरान स्थानीय कवि शिक्षक कार्तिकेय कुमार त्रिपाठी ‘राम’ नें अपने स्वरचित काव्य संग्रह मंद-मंद मुस्काते भोले की प्रतियां आचार्य शर्मा जी और यजमान डां. अलका पाठक को सस्नेह भेंट की। त्रिपाठी के इस काव्य संग्रह में आराध्य भोलेनाथ पर केन्द्रित 208 भक्ति कविताओं को समाहित किया गया है।
श्रीराम कथा वाचक पंडित विरेंद्र शर्मा नें युवा पीढ़ी को श्रीराम से जोड़ते हुए कहा की वे इस जीवन में अपने पिता के माध्यम से राम से जुड़े ,उनके पिता उनके पिता ,दादा से …। राम से यह जुड़ाव त्रेतायुग से परिवार दर परिवार हमारे पास विरासत के रूप में आया है।
युवा पीढ़ी राम की मर्यादाओं का अनुसरण करें तो रामराज्य को महसूस किया जा सकता है। इति शुभम…।



