
आज 29 जुलाई 2026 को हमारी माँ स्व शांति देवी वार्ष्णेय का 100 वां जन्मदिवस पर्व है यानी 100 वीं जयंती है । आज गुरु पूर्णिमा जैसा शुभ दिन है। माँ हमारी गुरु , जननी है। उनके जीवन से प्रेरणा लें । जिन्होंने गुलाम भारत के ऋषिकेश , उत्तराखंड में शैक्षिक ,सामाजिक सांस्कृतिक , स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांति की । उनका जन्म अतरौली , जिला अलीगढ़ ,
उत्तरप्रदेश में 29 जुलाई 1926 में गुलाम भारत में हुआ था । सनातन संस्कृति की वह वाहिका थी। उन्होंने हमें व्रत , त्यौहारों , रीति रिवाज परंपराओं
द्वारा भारतीय संस्कृति से जोड़ा।
हमारी माँ समाज सेविका , शिक्षिका के रूप में हमारे पिता जी स्व प्रेमपाल वार्ष्णेय के साथ ऋषिकेश , उत्तराखण्ड में शैक्षिक क्रांति की जनिका थी ।
आओ हम सब परम् पूजनीय माता श्री की 100 वीं वर्षगाँठ पर नमन करें । उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व- कृतित्व को अतीत के कालखण्ड को वर्तमान में स्मरण कर साकार करें। आज हमारे परिवार पर उनका आशीर्वाद बरस रहा है। उनका हम आशीर्वाद लें ।
अतीत से ही वर्तमान संचालित होता है। सौ – सौ बार नमन माता को , वे राष्ट्र की माता प्यारी।
डॉ मंजु गुप्ता , सपरिवार, वाशी , नवी मुंबई।
आ बड़ी बहन डॉ स्नेहलता के उद्गार – आज हमारी माता श्री , हम सभी की पूज्यनीय परम श्रद्धेय प्यारी “ मॉ “ का शुभ जन्मदिन है, “ मॉ “ के चरणों में कोटि – कोटि प्रणाम 🙏आप अद्दश्य द्दष्टि से हम सबको देख रही हैं MOM, आपकी दयामयी कृपा दृष्टि व वरद आशीर्वाद सदा हमारे ऋषिकेश परिवार पर बना रहे , अपने ह्रदयास्मृति अश्रुबिंदु के साथ आपको शत्-शत् नमन करते हुये स्मृतांजलि अर्पित करते हैं “मां”!🙏🙏🙏🙏❤️




