
डाल गले में कंठी माला, जपते राधे श्याम।
भक्ति भाव हर श्वास -श्वास में ,बहे सुबह से शाम।।
पहन गेरुआ झूमे नाचे ,मग्न रहे दिन रात।
धन को माटी जग को माया ,सबसे कहते बात।।
राह दिखाते भटके जन को, करते पावन काम।
डाल गले में कंठी माला,जपते राधे श्याम।।
राख लपेटे पूरे तन पर ,सिर पर बाँधे केश।
माटी को माटी में मिलना ,देते हैं संदेश।।
जीवन यूँ नहीं गँवाओ, अमर करोअब नाम।
डाल गले में कंठी माला ,जपते राधे श्याम श्याम।।
द्वेष दंभ को मन में पाले, पाए दुःख अथाह,
बीता बचपन गई जवानी, लिए बहुत ही आह।।
आँसू पोछो खुशियांँ बाँटो,मिलता सुख आराम।
डाल गले में कंठी माला ,जपते राधे श्याम।।



