करेंगे याद वीर जवानों की,
अमर गाथा शहीदों की।
लगाकर प्राणों की बाजी,
विजय दिवस के शहादत की।
शौर्य बलिदान की गाथा ,
लहू से सोचे जाने की।
दुश्मन के नापाक इरादों से,
बर्फ में ढकी उन वादियों की।
फहरा कर तिरंगा अपना,
टाइगर हिल की छोटी पर।
धूल में मिलाये जाने की,
कहानी मां भारती के लालू की।
विजय दिवस की आई बेला,
लोहा मनवा जलवा दिखाने की।
मिटते रहेंगे हम हंसते हंसते,
सौगंध खाते हम माटी की।
मीना तिवारी
पुणे




