आज अश्रुपूर्ण आँखों से
दिल की आवाज निकली
कारगिल की चोटी पर
जब ध्वज को फहराया था।
तीन रंग का ध्वज हमारा
देख रहा था हर मंजर
वीर सिपाही का रहे गोली
सीधे अपने सीने पर।
संकल्प हौंसला पूरा जज्बा
दुश्मन को मार गिरा रहे,
दुश्मन को दिखाई ओकात
इतिहास भी आज बता रहे।
भारत देश पर की जिसने जरा सी नज़र तिरछी,
आँखों को नोच लिया
भारत माँ की रक्षा की।
कर रहे गर्व आज हम सभी
सैनिक जो कहीं भी युद्ध हुआ
राष्ट्र रक्षा में तत्पर जो
नमन हम सब कर रहे
नमन हम सब कर रहे।
डॉ. प्रभा जैन श्री
देहरादून



