
हिमालय की कारगिल की उन चोटियों पर गूंजी वीरों की आवाज।
भारत माता के देशभक्तो ने दिखाया अपना शौर्य अपार।
बर्फीली चोटियों पर जलती देशभक्ति की जोत।
हर संघर्ष का किया मुकाबला।
देशभक्तों ने भारत के सैनिकों ने अपने सीने में खाई गोलियां दुश्मनों के सामने झुके नहीं।
अपने भारत देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
कारगिल पर तिरंगा फहराकर
भारत की शान बढ़ाई।
हर देशभक्त की कुर्बानी का अजर अमर कहानी बन गई।
भारत माता की भूमि पर देशभक्ति की निशानी बन गई।
भारत माता के देशभक्तो ने कारगिल पर विजय पाकर भारत की शोर्य गाथा का संदेश दिया।
जय हिंद जय भारत भारत माता की जय।
सुरेंद्र कुमार बिंदल लेखक एवं रचनाकार 2/4 बाजार बकलोह कैंट हिमाचल प्रदेश।
स्वरचित, मौलिक रचना।



