
झाबुआ जैसे पिछड़े अंचल में दस्तक देते डॉ रामशंकर चंचल ने आज देश और दुनिया में अमृता प्रतीम को एक बार फिर जिंदा कर दिया और आज प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया पर दस्तक देती उनकी वो गली वो मकान के अद्भुत सम्मान को जो उन्हें रूह प्रेम कथाओं पर देश के ख्यातीप्राप्त प्रकाशक इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा दिया गया है
जिस तरह आज देश और दुनिया में छाई हुई है यू ट्यूब वीडियो और दैनिक चर्चित समाचार पत्र में सचमुच वंदनीय है यह सत्य जिसे बेहिसाब प्यार और आशीष मिल रहा है प्रतिदिन हजारों हस्तियां द्वारा युवा पीढ़ी द्वारा सराही जा रही डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए अनेक अपेक्षा की जा रही है कि आगे भी उनकी सोच और चिंतन सकारात्मक को पावन पवित्र रूह जैसे अस्तित्व को महत्व को सामने रखते हुए देश और दुनिया को सही दिशा मार्ग दे आज यह एक नितांत आवश्यक बन गई हैं




