
सोमवार सावन का पहला, शिव-मंदिर जन आए।
हर-हर बम-बम नाद गूँजता, शिव-महिमा सब गाए॥
बेल-पत्र संग चढ़े धतूरा, गंगाजल अर्पाया।
भोले नाथ कृपा बरसाएँ, जीवन सुखमय छाया॥
श्रद्धा भक्ति प्रेम में डूबे, शिव गण शीश नवाएँ।
मन की पावन हर अभिलाषा, शंभु पूर्ण कर जाएँ॥
शिव ही सत्यं शिवं सुन्दरम्, आदि अनंत कहाएँ।
दीन-दुखी के कष्ट हरें वे, सब पर कृपा लुटाएँ॥
जीवन-नैया के प्रभु नाविक, भवसागर के तारण।
त्रिगुणस्वामी कृपालु शंकर, करते जग उद्धारण॥
सोमवार यह शुभ सावन का,मंगलमय हो जीवन।
शिव-आराधन से भर जाए, तन-मन सारा उपवन॥
स्वरचित
डाॅ सुमन मेहरोत्रा ‘सुरभि’
मुजफ्फरपुर, बिहार




