
परम पुनीत गणतंत्र हमारा
आओ मिलकर जय-गान करें
छब्बीस जनवरी फिर है आई
मन में नया उल्लास जगाए
फ़िर तिरंगा लहराए
देंगे इसको लोग सुहानी
याद करेंगे गौरव-गाथा
रावी तट प्रण किया था
पूर्ण स्वराज्य लक्ष्य हमारा
सब लोगों का बना था नारा
नीले – नीले आकाश का हमेशा रहे पहचान तिरंगा
देश में हुए कई आंदोलन
आगे आगे थे नेतागण
हमने झेली हर कठिनाई
तब जाकर आज़ादी पाई
फ़िर हमने संविधान बनाया
छब्बीस जनवरी को अपनाया
छब्बीस जनवरी दिन है गौरवशाली
इस दिन की बात निराली।।
डॉ. अनीता शाही सिंह
असिस्टेंट प्रोफेसर
प्रयागराज




