
जीवन में हर रोज ही, क़दम – क़दम पर प्रश्न।
कोई बिन उत्तर लिखे,मना रहा है जश्न।।
मना रहा है जश्न, हमेशा ही उलझन में।
खो करके अधिकार, तमाशा बन जीवन में।।१।।
कठिन परीक्षा हर घड़ी, प्रश्न कठिनतम योग।
फिर भी चाहे भोगना, जीवन में सुख भोग।।
जीवन में सुख भोग,पा रहा कैसी दीक्षा।
उसे नहीं कुछ ज्ञान, सामने कठिन परीक्षा।।२।।
ब्रह्मनाथ पाण्डेय ‘ मधुर ‘
वार्ड नंबर -५ काॅंटी मुहल्ला ककटही, नगर पंचायत – मेंहदावल, पोस्ट – मेंहदावल, जिला – संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश,२७२२७१




