साहित्य

वीर छत्रपति शिवाजी

डाॅ सुमन मेहरोत्रा

वीर छत्रपति शिवाजी

साहस की ज्वाला बनकर, जो रण में आगे आए,
धर्म, स्वाभिमान बचाने को, जीवन भर लड़ते जाएँ।
मातृभूमि की रक्षा खातिर, संकल्प अटल अपनाया,
वीर शिवाजी ने जग में, पराक्रम का दीप जलाया।

गिरी दुर्गों की शान बढ़ी, गूँजा उनका जयगान,
रणभेरी के स्वर में था, स्वराज्य का अभिमान।
छल-बल से नहीं, नीति से जीता हर अभियान,
जन-जन के दिल में बसता, उनका अमर सम्मान।

माँ जीजाबाई के संस्कारों का उज्ज्वल था प्रभाव,
न्याय, करुणा, वीरता में दिखता उनका स्वभाव।
औरंगजेब के अत्याचारों से जो डटे रहे निर्भीक,
स्वाभिमान की रक्षा को, बने जननायक अद्वितीय।

इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों पर अंकित उनका नाम,
वीरता, त्याग, पराक्रम का देते सदा पैगाम।
जब-जब भारत याद करेगा अपने वीर महान,
छत्रपति शिवाजी का गूँजेगा अमर गुणगान।

डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!