साहित्य समाचार

स्थापना दिवस पर हुआ सम्मान समारोह का आयोजन

दुर्गेश मोहन 

गया।सुरधारा कला केंद्र, के 20 वें स्थापना दिवस पर ग्राम – उत्तरावा, खिज़रसराय, गया जी, बिहार में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया l इस अवसर पर कला केंद्र संस्थापक सह संचालक बिपिन बिहारी ने *सुर श्री सम्मान * का आगाज किया l भारत सरकार द्वारा 2026 में पद्म श्री अवार्ड से नामित भरत सिंह भारती जी को यह सम्मान देकर इस *सुर श्री सम्मान * की शुरुआत की गई l इस अवसर पर पूर्व सांसद अरुण कुमार, (जहानाबाद लोक सभा क्षेत्र) कृष्णनंदन यादव जी ( पूर्व विधायक, अत्रि, बिहार )
स्वामी डॉ सुदर्शनाचार्य जी महाराज (संस्कृत विद्यालय, मानपुर, गया जी ),डॉ संकेत नारायण जी, (चर्म रोग विशेषज्ञ, गया जी ), राशदादा राश जी (ख्याति प्राप्त साहित्यकार, चिंतक, बेंगलोर, भारत ), प्रोफ़ेसर धनंजय कुमार,(गया कॉलेज, गया), जगेश्वर पांडे ( कात्यानी शक्तिपीठ, गौहरपुर, गया जी ), सहित सैकड़ों समाजसेवी,गणमान्य लोग उपस्थित थे l

 

केंद्र निदेशक बिपिन बिहारी ने बताया कि *सुर श्री सम्मान *कला, साहित्य, पर्यावरण,राष्ट्रवाद, शिक्षा, शांति, प्रशासनिक सेवा, समाज सशक्तीकरण, धर्म सेवा के इन नौ क्षेत्रों से सम्पूर्ण भारत से सम्माननीय लोगों का चयन किया जाएगाl कला केंद्र संस्थापक सह संचालक बिपिन बिहारी ने कला की पद्म श्री 2026 से नामित भरत सिंह भारती जी को प्रथम * सुर श्री सम्मान * देकर हम सब हार्दिक प्रसन्न हैं l अगले साल के इस सम्मान के लिए पूरे भारत से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर कला केंद्र पहल करेगी l उपस्थित पूर्व सांसद अरुण कुमार ने कहा कि कला सृजन का काम करती है और सुरधारा ने इस पुरस्कार का सृजन कर भारती जी के कला कर्मठता की पहचान किया l वहीं पूर्व विधायक कृष्णनंदन यादव जी, ने इस सम्मान की सराहना की l राशदादा राश सहित स्वामी डॉ सुदर्शनाचार्य जी महराज ने भी बिपिन के कर्मठ कार्यों की सराहना कर भरत सिंह भारती जी के कला सहयोग की चर्चा किया l सुर श्री सम्मान के तहत पगड़ी, माला, गणेश की प्रतिमा, शॉल और सम्मान पत्र प्राप्त कर दर्शकों की मांग पर भरत सिंह भारती जी ने लोक गीत का गायन भी किया और स्वामी जी के अनुरोध पर आकाशवाणी की चौपाल की भी धुन सुनाई l कला केंद्र के कलाकारों ने भी नृत्य, संगीत से पांच घंटे के कार्यक्रम को रोचक बनाते रहे।तत्पश्चात बिहारी व्यंजन का स्वाद लेकर सभी लोग विदा हुए।
प्रस्तुति_दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना (बिहार)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!