डॉ रामशंकर चंचल की अद्भुत चर्चित कविता,आदिवासी , का अंग्रेजी अनुवाद किया, रंजीता ने

झाबुआ नि प्र ख्यात साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल की अद्भुत चर्चित हिन्दी कविता आदिवासी का अंग्रेजी अनुवाद रंजीता निनामा द्वारा किया गया ओर उन्हीं के स्वर में उम्दा प्रस्तुति के साथ यूं ट्यूब चैनल पर दस्तक दी गई यह विडियो आज देश और विश्व में साहित्य जगत में चर्चित हो चर्चा बन गया एक सत्य लिए आदिवासी दर्शन को सम्मान रखती कविता है जिसे बेहद सराह गया और गर्व महसूस किया कि झाबुआ आदिवासी पिछड़े अंचल में रहते हुए सृजन उपलब्धि हासिल करते हुए डॉ रामशंकर चंचल ने आज सम्पूर्ण विश्व पटल पर झाबुआ पिछड़े अंचल झाबुआ को साहित्य जगत में अमर कर दिया है
इस अद्भुत उपलब्धि पर डॉ रामशंकर चंचल को और रंजीता निनामा जी को देश और विश्व धरा से सैकड़ो बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं
यह यू ट्यूब चैनल पर दस्तक देती कविता का अंग्रेजी अनुवाद रंजीता निनामा द्वारा किया विडियो हजारों द्वारा सराहा गया और गर्व महसूस किया जा रहा है
धन्य धरा झाबुआ मध्य प्रदेश जहां से डॉ चंचल जी और रंजीता जी द्वार यही सार्थक कार्य कर आज सम्पूर्ण विश्व में आदिवासी पिछड़े जन जीवन को सामने रखते हुए पूरे विश्व की भाषा अंग्रेजी में चर्चित कर कविता को ऊंचाइयां दी है और नई कविता के प्रति आस्था और विश्वास पैदा किया है




