
रंग_गुलाल से भरपूर,
होली में लोग होते सराबोर।
सभी करते मस्ती
और मचाते शोर।
प्रहलाद _होलिका का यह पर्व,
दिलाती है स्मरण।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का,
हमलोग करते स्पर्श चरण।
बच्चे,बूढ़े सभी मनाते,
फाल्गुन का यह रंगीन त्योहार।
पूआ_पूड़ी सभी हैं खाते,
ये हैं उत्तम आहार।
दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना (बिहार)




