
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
जी आयोध्या पधारें।
राम जी को सारा जग मगन
मुग्ध होकर निहारे।
कौशल्या जी के राम दुलारे
श्याम वर्ण की काया में
सुर्य सा तेज मूख में।
दशरथ के प्यारे नंदन आँखों के
तारे अपने पिता के वचन के
लिए सीता जी और लक्ष्मण संग
चौदह वर्ष वनवास अपनाये।
ललाट पर टीका हैं सुशोभित
नील सरोवर से नयन हैं
अधरों पर कलिया मुस्कुराती
राम जी को सब देख मोहित हैं।
घुंघराले से केश लटक रहे हैं
शरीर पर पिताम्बरी सोहे
गले में फूलों की समोहित हैं
चरण कमल पंखुड़ी से भी कोमल।
रघुनंदन के लिये फूलों से पथ को सजाया हैं
कर रही इन्तजार पुरुषोत्तम श्री राम
जी का सारी दुनिया दर्शन को
दिवानी हैं।
आएगा अब राम राज्य
क्यूंकि प्रभु आ गये अपने धाम
को सीता और लक्ष्मण संग,
भाग्य हमारे श्री राम संग पधारे।
उनके चरणों मैं सारा जग समाहित
हैं खूब नैन भर भर कर देखो
मेरे मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी
की माहिमा निराली हैं…।।
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश




