साहित्य

विश्व आवाज़ दिवस

अतुल पाठक

आवाज़ सिर्फ शब्द नहीं,
दिल की भावनाओं का आईना होती है।
मीठी और सच्ची आवाज़,
हर दिल तक अपनी जगह बना लेती है।
शब्दों में छिपे होते हैं अनगिनत एहसास,
हर स्वर में बसता है मन का विश्वास।
कभी ये सुकून बनकर दिल को छू जाती,
कभी अनकही बातें भी कह जाती।
मधुर वाणी रिश्तों को जोड़ती जाती,
कटु भाषा हर दूरी बढ़ाती जाती।
आवाज़ में होती है एक अद्भुत शक्ति,
जो बदल दे जीवन की हर एक स्थिति।
जब बोलो तो प्रेम से शब्द सजाओ,
हर दिल में अपनापन तुम जगाओ।
सच और सरलता जब स्वर में आती,
हर मुश्किल राह भी आसान हो जाती।
आओ इस दिन हम ये प्रण करें,
वाणी को सदा सच्चा और मधुर रखें।
ताकि हमारी आवाज़ बने पहचान,
और दिलों में बस जाए उसका मान।

अतुल पाठक
हाथरस(उत्तर प्रदेश)

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