साहित्य

वो गली वो मकान, प्रेम की पावनता की विश्व धरा पर दस्तक दे इतिहास रचती कृति 

डॉ रामशंकर चंचल

यह है ताजा कृति वो गली वो मकान, डॉ रामशंकर चंचल की सैकड़ों कृतियों के बाद विश्व धरा पर दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध 16,वी कृति इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा प्रकाशित चर्चित रूह प्रेम कृति हैं जो आने से पहले ही विश्व धरा पर दस्तक दे हजारों हजारों द्वारा बधाई और शुभकामनाएं बंटोर चुकी हैं

डॉ रामशंकर चंचल के शब्दों में

यह एक पावन पवित्र रूह प्रेम की दास्तान है जिसका हर शब्द ईश्वरीय आशीष से मन और आत्मा से निकला हुआ है, जीवन में कभी सोचा नहीं था यह अद्भुत रिश्ता होगा और दुनिया को मेरी साधारण कलम से चौकने वाली कृतियों को भेंट करूंगा, सब कुछ ईश्वर से मिला आशीष है परम् सत्य में और मेरी रूह जानती हैं जो आज भी सदा ही हर पल साथ है और यही वजह है कि घर की चार दीवारों में यह कैद मेरा जीवन आज देश और दुनिया में चर्चा बना है

सदियों याद की जायेगी और जिंदा रहेगी यहां तक कि पढ़ने के बाद पाठकों के मन में वो गली वो मकान देखने की अद्भुत उत्सुकता होगी ही

 

प्रणाम करता हूं ईश्वर आशीष को मेरी आराध्य देवी रूह को सत् सत् वंदन पूज्य स्व पत्नी ऊषा जी और राजेश्वरी जी को यह उनका आशीष मानता हूं मुझे जिंदा रखना था क्यों कि मेरी उपस्थिति बहुत बहुत के जीवन में अद्भुत मायना रखती हैं और शायद ईश्वर को मेरी लेखनी से यह कालजयी कृतियों को देश और दुनिया में भेंट करना होगा कुछ तो है यह सत्य है,,,,

 

 

डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ

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