
#तेरे चेहरे को लेकर हाथों में एक प्रेम गीत लिखू
चाँद की चाँदनी से तेरे नाम की हर प्रीत लिखूँ।
तेरी आँखों में जो ठहरा है सावन का मीठा पानी
उसमें अपनी हर धड़कन की मैं अनकही जीत लिखू।
जब भी तेरी याद महके, फूलो सी शाम ढले
मैं हवाओं के कागज़ पर तेरा ही संगीत लिखू
तेरी हँसी की रुनझुन से मेरा मन झूम उठे
हर सुर में तेरी बातें हर लय में मनमीत लिखू
तू मिले तो लगे जैसे जीवन को मंज़िल मिल जाए
तेरे संग बीते लम्हों को मैं अपनी रीत लिखू
तेरे होने से रौशन हैं सपनों के सारे आँगन
तेरी चाहत को दिल की सबसे सुंदर जीत लिखू
जनम-जनम तक साथ रहे यह दुआ रहे अधरों पर,
तेरे नाम की मेहंदी से अपना हर दिन-रात लिखू
तेरे चेहरे को लेकर हाथों में एक प्रेम गीत लिखू
अपने दिल की हर धड़कन को तेरी ही प्रीत लिखू।
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश में




