
जिंदगी जिंदगी का वह
बहुमूल्य अंश है, जिसके बिना
सब लगता है निर्वंश है।
सौभाग्य लेकर आती है बेटी
दुर्भाग्य को दूर भागती है
बेटी लक्ष्मी का रूप है
बेटी दुर्गा का स्वरूप है।
बेटियों से ही रोशन है यह
जग सारा छोटे-छोटे कदमों
से सुंदर सी मुस्कान से सबके
दिलों को भा लेती है।
बेटा सम्मान है तो बेटी
अभिमान है बेटा गर्व है
तो बेटी में बस्ता स्वर्ग है
बेटियां घर की रौनक है
जब यह घर में आती है।
तो फिर घर फूलों सा महकता है
यह बेटियों का जीवन
भी कितना अजीब होता है ना
जन्म कहीं और होता है।
जाना किसी और घर पड़ता है
जिस घर में बचपन जीती है
उसी घर को छोड़कर जाना पड़ता है।
बेटियां पापा की आंख का तारा
होती है मां की राजदुलारी होती है
भाई की शान और घर का मान
होती है।
यह इतनी प्यारी होती है एक
पिता के लिए,बहुत कठिन
होता है,अपनी बेटी को विदा
करना बेटियां एक अनमोल
सितारा होती है।
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश
स्वरचित




