
क्या खूब लिखा है
एक शायर ने
अपनी शायरी में
क्या खूब लिखा है
एक शायर ने
अपनी शायरी में
तुम सिर्फ,
किताबों को सहजना
कभी समझना नहीं
तुम सिर्फ,
किताबों को सहजना
कभी समझना नहीं।
सिर्फ इंसान को चाहना ,
कभी जानने की कोशिश ना करना ।
सिर्फ इंसान को चाहना,
कभी जानने की कोशिश ना करना ।
जब तुम सिर्फ चाहोगें
तो सिर्फ चाहोगें उससे
अगर तुमने जानना चाहा उसको
तो भूल जाओगे उसकी ही।।
– रिया राणावत
कालीदेवी,झाबुआ(मध्यप्रदेश)




